19.10.11

आनन्द मनाओ हिन्दी री

पिछला एक माह परिवर्तन का माह रहा है मेरे लिये, स्वनिर्मित आवरणों से बाहर आकर कुछ नया स्वीकार करने का समय। स्थिरता की अकुलाहट परिवर्तन का संकेत है पर बिना चरम पर पहुँचे उस अकुलाहट में वह शक्ति नहीं होती जो परिवर्तन को स्थिर रख सके, अगली अकुलाहट तक। मन संतुष्ट नहीं रहता है, सदा ही परिवर्तनशील, सदा उसकी सुनेगे तो भटक जायेंगे, अकुलाहट तक तो रुकना होगा। विकल्प की उपस्थिति, उसकी आवश्यकता और उसे स्वयं में समाहित कर पाने की क्षमता परिवर्तन के संकेत हैं, यदि वे संकेत मिलने लगें तो आवरण हटा कर बाहर आया जा सकता है।

एक माह पहले मैक पर जाने के बाद से समय बड़ा गतिशील रहा है, पहले मेरे लिये, फिर एप्पल के लिये और अब हिन्दी के लिये। नये परिवेश को समझने के साथ साथ प्रशासनिक व साहित्यिक गतिशीलता बनाये रखना कहीं अधिक ऊर्जा माँगती है। आत्मीयों का प्रयाण, पहले हिमांशुजी, फिर स्टीव जॉब, मन को विचलित और दृष्टि को दार्शनिक रखने वाली घटनायें थीं। नये एप्पल आईफोन के साथ में आईओएस५ और आईक्लाउड का आगमन नयी संभावनाओं से पूर्ण था, पिछला सप्ताह उन संभावनाओं को खोजने और उस पर आधारित कार्यशैली की रूपरेखा बनाने में निकल गया।

ऐसा नहीं है कि एप्पल हर कार्य को सबसे पहले कर लेने हड़बड़ी में रहता हो, यद्यपि कई नयी तकनीकों व उत्पादों का श्रेय उसे जाता है। जिस बात के लिये उसे निश्चयात्मक श्रेय मिलना चाहिये, वह है उसकी अनुकरणीय गुणवत्ता और उत्पादों को सरलतम और गहनतम बना देने का विश्वास। मैकिन्टॉस, आईपॉड, आईफोन, आईपैड, मैकबुकएयर, सब के सब अपने क्षेत्रों के अनुकरणीय मानक हैं। आईओएस५ और आईक्लाउड के माध्यम से वही कार्य क्लॉउड कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में भी किया गया है। आईओएस५ में अन्य तत्वों के अतिरिक्त आईक्लाउड ऐसा तत्व है जो क्लॉउड कम्प्यूटिंग के आगामी मानक तय करेगा।

क्लॉउड कम्प्यूटिंग अपनी सूचनाओं और प्रोग्रामों को इण्टरनेट पर रखने व वहीं से सम्पादित करने का नाम है। मूलतः दो लाभ हैं इसके, पहला तो आपकी सूचनायें सुरक्षित रहती हैं, इण्टरनेट पर जो कि आप कहीं से भी देख सकते हैं और साझा कर सकते हैं। दूसरा लाभ उन लोगों के लिये है जो मोबाइल और कम्प्यूटर, दोनों पर सहजता से कार्य करते हैं और उन्हें दोनों के ही बीच एक सततता की आवश्यकता होती है। कई स्थूल विधियाँ हैं, या तो आप याद रखें कि कहाँ पर क्या सहेजा है और उसे हर बार विभक्तता से प्रारम्भ करें, या आप अपना सारा कार्य बस इण्टरनेट पर ही निपटायें, या एक पेन ड्राइव के माध्यम से अपनी सूचनायें स्थानान्तरित करते रहें। उपरोक्त विधियाँ आपका कार्य तो कर देंगी पर अनावश्यक ऊर्जा भी निचोड़ लेंगी।

अब आईक्लाउड की सूक्ष्म प्रक्रिया देखिये, मैं अपने आईपॉड में एक अनुस्मारक लगाता हूँ, वाहन में, कार्यालय आते समय। कार्यालय आकर बैठकों में व्यस्त हो जाता हूँ, आकर लैपटॉप पर देखता हूँ, तो वही अनुस्मारक उपस्थित रहता है उसमें। सायं बैठकर बारिश में कविता की कुछ पंक्तियाँ लिखता हूँ लैपटॉप पर, अगली सुबह एयरपोर्ट जाते समय झमाझम होती बारिश में आधी पंक्तियों को पूरी करने की प्रेरणा मिलती है, आईपॉड पर स्वतः आ चुकी कविता पर लिखना प्रारम्भ कर देता हूँ। जितनी सूक्ष्मता से सततता बनी रहती है, उतनी ही विधि की गुणवत्ता होती है। प्रयोग कर के देखा, एक अनुस्मारक को मोबाइल से लैपटॉप पर पहुँचने में केवल १६ सेकण्ड लगे, अविश्वसनीय!

आईक्लाउड मेरे लिये संभवतः अर्धोपयोगी ही रहता यदि आईओएस५ में हिन्दी न आती। हिन्दी कीबोर्ड, अन्तर्निहित शब्दकोष और आईक्लाउड ने मेरी मैकबुक एयर और मेरे आईपॉड में न केवल प्रेरणात्मक ऊर्जा भर दी वरन उनको सृजनात्मकता से अन्तर्बद्ध कर दिया है। अब न कभी कोई विचार छूट पायेगा कहीं, कोई प्रयास न व्यर्थ जायेगा कहीं, बनी रहेगी उत्पादक सततता सभी अवयवों के बीच। आपने यदि अब तक अनुमान लगा लिया हो कि यह नया आईफोन खरीदने की बौद्धिक प्रस्तावना बनायी जा रही है, तो आप मेधा अब तक गतिशील है।

आईफोन की उमड़ती इच्छाओं के अब चाहें जो भी निष्कर्ष हों, पर हिन्दी लेखन के लिये निसन्देह एक उत्सवीय क्षण आया है, वह भी इतनी प्रतीक्षा के पश्चात, भरपूर प्रसन्न होने के लिये, मुदित हो मगन होने के लिये।

आनन्द मनाओ हिन्दी री..

67 comments:

  1. सर बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी के साथ यह भी पता चला कि अब विश्व समुदाय हिन्दी की महत्ता को स्वीकार करने लगा है |भले ही कारण बाज़ार ही क्यों न हो |आपको बहुत -बहुत बधाई और शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  2. एप्पल ने हिंदी को लेकर जो पहल की है,निश्चित ही हिंदी के दीवानों के लिए ख़ुशी का सबब है.आई-क्लाउडिंग का कॉन्सेप्ट भी बढ़िया है.देर-सबेर android में भी ये सुधार आ सकते हैं !
    पर सच्ची में एप्पल को कोई तोड़ नहीं ,जोड़ नहीं !
    आपको असीम शुभकामनाएँ !

    ReplyDelete
  3. उपयोगी जानकारी ...

    ReplyDelete
  4. लगता है आप हमें भी मैक और आईफोन की तरफ मोड़ ही देंगे|

    ReplyDelete
  5. एक हिन्दी साहित्य सर्जक का तक्नीकी अनुभव हमे जल्दी समझ आता है . क्योकि हिन्दी के अलावा हमे कोइ भाषा समझ आती ही नही

    ReplyDelete
  6. bahut upyogi jaankari di hai.aapko shubhkamnayen.

    ReplyDelete
  7. आप से सीख रहा हूँ .....
    शुभकामनायें आपको !

    ReplyDelete
  8. बहुत ही सार्थक जानकारी दी है आपने प्रवीण जी,उपयोगी आलेख,बधाई!

    ReplyDelete
  9. गूगल माइक्रोसॉफ़्ट आज सिखलाते हिन्दी।

    हिन्दी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना रुतबा हासिल कर लिया है।

    ReplyDelete
  10. तकनीकी ज्ञान के बिना हिंदी लेखन का मज़ा अधूरा ही रह जाता है।

    ReplyDelete
  11. वाह! यह तो बहुत बढ़िया है!!!

    ReplyDelete
  12. निश्चित रूप से हिंदी के लिए यह उत्सव मनाने का समय है ......! अपने बहुत उपयोगी और सिलसिलेवार जानकारी देकर बहुत कुछ नया करने की प्रेरणा दी .....!

    ReplyDelete
  13. जब आइफोन के लायक बनेंगे तब आपकी पोस्‍ट याद आएगी। अभी तो समझ के बाहर है।

    ReplyDelete
  14. फिलहाल पढ़कर आनंदित, इस्‍तेमाल कर फिर आनंदित होंगे.

    ReplyDelete
  15. क्लाऊड कम्प्यूटिंग इसीलिये बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है।

    ReplyDelete
  16. तकनीकी जानकारी वह भी ऐसी हिंदी में. नमन. मुदित हो मगन होने क लिय अकुलाहट तक तो रुकना ही पड़ेगा.

    ReplyDelete
  17. वाह ! बहुत उपयोगी जानकारी बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत की है आपने, आभार !

    ReplyDelete
  18. No wonder they say...Once on Mac you can never go back :D

    आई फोन खरीदने का मन हम भी बना रहे हैं, और आपकी पोस्ट्स पढ़ कर उस मन का लोजिक भी मिल रहा है.

    ReplyDelete
  19. इतने प्रयोगों के बाद तो चहुँ ओर आनंद ही आनंद !

    ReplyDelete
  20. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

    ReplyDelete
  21. बढिया है ! एपल के प्रोडक्ट एडिक्टिव होते ही हैं. :)

    ReplyDelete
  22. जानकारी देती अच्छी पोस्ट ...

    ReplyDelete
  23. आपकी हिन्‍दी और तकनीक के संगम वाली पोस्‍टें उत्‍सुकता जगाती हैं... काफी कुछ जानने को मिल रहा है... हम तो माइक्रोसॉफ्ट एक्‍सपी से आगे ही नहीं बढ़ पा रहे..
    आपका ब्‍लॉग सब्‍सक्राइब कर रखा है पर इनबॉक्‍स में फीड देर से आती है... बज से जल्‍दी पता लग जाता है.. पर सुना है बज की सेवा समाप्‍त हो रही है

    ReplyDelete
  24. आप के लेख को समझने के लिए तकनीकी ज्ञान जरूरी है जो मेरे पास......:-) कोशिश....
    शुभकामनाएँ!

    ReplyDelete
  25. आप के लेख को समझने के लिए तकनीकी ज्ञान जरूरी है जो मेरे पास......:-) कोशिश....
    शुभकामनाएँ!

    ReplyDelete
  26. एप्पल ने हिंदी को लेकर जो पहल की है,निश्चित ही प्रशंसनीय है..... तकनीकी आलेख को रुचिकर रूप में परोसने के लिए आभार.

    ReplyDelete
  27. एप्पल ने बिना किसी गुंजाइश बेहतरीन उत्पाद पेश किये हैं पर आम भारतीयों के लिए अभी भी उसके मूल्य मुट्ठी से बाहर है..
    एंड्रोयड के काफी फोन कम कीमत पर मिल रहे हैं और मेरे पास एल.जी. का ओप्टीमस १ है और मैं उसपे हिंदी में टाइप "पनिनी" की मदद से आराम से कर पा रहा हूँ..
    यहाँ पर विस्तृत जानकारी देख सकते हैं : "www.paninikeypad.com"

    आभार

    ReplyDelete
  28. आईफोन की उमड़ती इच्छाओं के अब चाहें जो भी निष्कर्ष हों, पर हिन्दी लेखन के लिये निसन्देह एक उत्सवीय क्षण आया है, वह भी इतनी प्रतीक्षा के पश्चात, भरपूर प्रसन्न होने के लिये, मुदित हो मगन होने के लिये।

    आनन्द मनाओ हिन्दी री..
    इस आनंदातिरेक में हम भी आपके संग है .मुबारक .

    ReplyDelete
  29. आपकी यह ज्ञानवर्धक पोस्‍ट बहुत ही अच्‍छी लगी ..आभार ।

    ReplyDelete
  30. काफी जानकारियां मिल गईं...जय जय हिंदी.

    ReplyDelete
  31. बहुत रोचक और उपयोगी जानकारी..

    ReplyDelete
  32. बहुत ही अच्‍छी एवं उपयोगी जानकारी ..तकनीकि ज्ञान का खजाना है आपके पास तो ..शुभकामनाएं ।

    ReplyDelete
  33. बहुत रोचक और उपयोगी जानकारी..

    ReplyDelete
  34. इस जानकारी का फायदा मैं तो जरूर उठाऊंगा ... आपने जब बताया यहे तब पूरी तरह समझ नहीं आया था ...

    ReplyDelete
  35. हिन्दी का एपल.. या एपल की हिन्दी.. ज्ञान का फल!!

    ReplyDelete
  36. क्लाऊड कम्प्यूटिंग की आदत अब डाल ही लेनी चाहिए
    हम खुद तीन साल से उपयोग कर रहे शनै: शनै:

    नि:संदेह, आने वाला समय हिंदी का ही है

    ReplyDelete
  37. अजब देश की इस गजब कहानी में मुझे तों एक ही बात समझ में आई कि यह तकनीक हिन्‍दी को सहायक है। अच्‍छी सूचना है।

    ReplyDelete
  38. बहुत सरल शब्दो में बहुत ही ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी जानकारी दी ..बहुत बढ़िया..आभार..

    ReplyDelete
  39. हिन्दी कीबोर्ड,अन्ततः

    स्टीव जाब्स को कलात्मकता और कम्यूटर प्रविधि के आमेलन की बहुविध कल्पनाशीलता के लिए जाना जाता है
    ...
    आपको वैचारिकता और संचार प्रौद्योगिकी के सम्मिलन के लिए हम याद कर रहे हैं !

    ReplyDelete
  40. बहुत ही सुन्दर आलेख मन आल्हादित हो गया हिंदी के सम्मान और महत्त्व को अब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय मानने लगा है ...ये सब हिंदी प्रेमी लेखानकों और पाठकों के सम्मिलित प्रयास का प्रतिफल है....सादर !!!

    ReplyDelete
  41. मन के मते न जाइये, मन के मते अनेक :) अकुलाहट होगी ही॥

    ReplyDelete
  42. aapke har post se kuch na kuch seekhne ko milta hai!

    ReplyDelete
  43. ज्ञानवर्धक पोस्ट. नयी तकनीक को जानने का सुअवसर प्रदान किया है. सुंदर.

    ReplyDelete
  44. आपका ईश्क परवान चढ़ा और अब प्रेम के वटवृक्ष के रूप मे विस्तारित होकर आपके विचारों व कार्यव्यवहार का अद्भुत व उपयोगी आश्रयस्थल सिद्ध हो रहा है, इसके लिये बहुत-बहुत बधाई।

    ReplyDelete
  45. आधुनिक तकनीक के साथ हिंदी यूँ आगे बढे तो सच आनंद मनाने की ही बात है.......बहुत अच्छी जानकारी समेटे लेख...

    ReplyDelete
  46. आनंद ही आनंद .जानकारी प्रद आलेख .

    ReplyDelete
  47. एप्पल की कृपा से हिंदी की बल्ले-बल्ले साथ में हम हिंदी वालों की भी..

    ReplyDelete
  48. sir me jyada technofriendly nahi aur sabse badi baat me abhi apne aawran se bahar aai nahi hu shayd islie technofriendly ban bhi nahi pa rahi.aapki is jankari ke lie dhanyawd.jis din me awran se thoda bahar nikal paungi us din shayad me bhi is tarah ki koi post likh saku.....

    ReplyDelete
  49. अच्छी प्रस्तुती...........आभार
    wel-come on
    http://vijaypalkurdiya.blogspot.com

    ReplyDelete
  50. आनन्द मनाओ हिन्दी री..
    दिवाली मुबारक !मंगल कारी होवे ये पर्व आपके परिवार के लिए आपके लिए ,सभी सेहत मंद रहें .

    ReplyDelete
  51. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच-673:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    ReplyDelete
  52. तकनीक के मामले में मक्खन का फॉलोअर हूं...

    आपने नम्मा मेट्रो की सवारी का आनंद लिया या नहीं...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  53. आईफोनके बारे में बहुत काम की उम्दा जानकारी दी है ...आभार

    ReplyDelete
  54. अब तो मेट्रो भी आ गई बेंगलुरु में मुबारक .ब्लोगिया दस्तक के लिए आभार आपका .

    ReplyDelete
  55. आनन्द मनाओ हिन्दी री.. सार्थक उपयोगी
    जानकारी के लिए बहुत बहुत बधाई प्रवीन जी !

    ReplyDelete
  56. हिन्दी की प्रगति ऐसे ही होती जाती है...अच्छी जानकारी दी आपने.

    ReplyDelete
  57. शुक्रिया इस जानकारी के लिए...

    ReplyDelete
  58. Aapke dwara di gayee jaankari bahut achchhee hai, par apna takneequee gyan thoda kam hai.

    ReplyDelete
  59. बढ रहा है हिंदी का महत्‍व .. हम मानेंगे तो दुनिया मानेगी ही !!

    ReplyDelete
  60. अपनी हिंदी के लिए एक और गौरवशाली लम्हा

    ReplyDelete
  61. pls see my blog-- www.aclickbysumeet.blogspot.com and post your comments, how you feel to see it?

    ReplyDelete
  62. एपल का कोई जोड नही पर इसकी कीमतें इसके जैसे ही यंत्रों के मुकाबले कहीं ज्यादा है । अभी बेटे के पास ४जी वाला आयफोन देखा तो उसमें सीरी देख कर मजा आ गया आप कुछ भी बोलो (टाइप नही )और चीज ( इनफ़ॉरमेशन ) हाजिर, न गूगल पर जाने की झंझट न ढूंढने की ।
    हिंदी की सुविधा देकर तो एपल नें अपना बाज़ार बढा ही लिया समझिये ।
    आप के सारे लेक तकनीकी जानकारी से भरपूर होते हैं अब किसकी समझ में कितना आता है ये तो व्यक्ति पर निर्भर है ।

    ReplyDelete
  63. पांडे जी नमस्कार मैं आप का ब्लॉग लगभग एक साल से पढ़ रहा हूँ सूचना तकनीकी में हिन्दी के प्रयोग से संबंधित हैं, जो मेरा प्रिय विषय है, हिन्दी टाइपिंग में मैं INSRIPT कीबोर्ड का प्रयोग बहुत ही आसानी से करता हूँ, यह हिन्दी टाइपिंग की त्रुटि रहित कीबोर्ड है।
    मुझे अपने iPOD touch के लिए iOS5 का बेसब्री से इंतजार था(हिन्दी कीबोर्ड के लिए), जिस दिन (६-७ अक्टूबर)को अपग्रेड के लिए आया उसी दिन मैंने अपग्रेड किया,मेरे जीवन का यह रोमांचक पल था अपनी भाषा में कीबोर्ड को देख कर, ठीक है यूजर इंटरफेस हिन्दी में न सही मगर जाते-जाते स्टीव जॉब्स महोदय नें हम भारतियों को एक महान उपहार दे दिया.... हम भारतियों की तरफ से उनको यह सच्ची श्रद्धांजली है।
    अब बारी एंडरॉयड की है, अभी हाल ही में मैंने पढ़ा कि SAMSUNG GALAXY हिन्दी टाइपिंग और यूजर इंटरफेस लेकर आ रहे हैं....

    ReplyDelete