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3.5.15

हेतु तुम्हारे

संग तुम्हारे राह पकड़ कर, 
छोड़ा सब कुछ बीते पथ पर,
मन की सारी उत्श्रंखलता, 
सुख पाने की घोर विकलता,
मुक्त उड़ाने, अपने सपने, 
भूल आया संसार विगत मैं,
स्वार्थ रूप सब स्वर्ग सिधारे, 
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।१।।

बन्धन को सम्मान दिलाने, 
मन की बागडोर मैं थामे,
तज कर नयनों की चंचलता, 
नयी जीवनी प्रस्तुत करता,
निर्मित की जो निष्कर्षों से, 
अर्पित तुम पर पूर्ण रूप से,
तुम पर ही आधार हमारे, 
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।२।।

नये पंथ पर लाया जीवन, 
देखो कुछ खो आया जीवन,
सहज नया एक रूप बनाकर, 
बीता सकुशल, उसे बिताकर,
स्वागत का एक थाल सजाये, 
आशाआें का दीप जलाये,
अपना सब कुछ तुम पर वारे, 
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।३।।

22.2.15

आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है

अकेला उन्मुक्त उड़ना चाहता था,
मेघ सा विस्तृत उमड़ना चाहता था,
स्वतः प्रेरित, दूसरों के अनुभवों को,
स्वयं के अनुरूप गढ़ना चाहता था ।
किन्तु मन किस ओर बढ़ता जा रहा है,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । १।

नहीं निर्भरता कभी मैं चाहता था,
मुक्त था मैं, मुक्त रहना चाहता था,
शूल सा चुभता हृदय में तीव्रता से,
यदि कहीं कोई कभी भी बाँधता था।
किन्तु अब तो बँधे रहना भा रहा है,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । २।

आत्म-केन्द्रित, स्वयं को पहचानता था,
स्वयं में सीमित जगत मैं मानता था,
आत्म के अस्तित्व को सहजे समेटे,
भीड़ से मैं दूर कोसों भागता था ।
हृदय को पर्याय मिलता जा रहा है,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । ३।

व्याप्त नीरवता, किन्तु मैं जागता था,
हृदय में एक धधकता अंगार सा था,
सतत अपने लक्ष्य पर कर दिशा मन की,
मैं अकेला समय के संग भागता था ।
किन्तु अब क्या स्वप्न में बहका रहा है,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । ४।

स्वार्थ-कोलाहल निहित हर वाक्य में था,
नहीं कुछ भी व्यक्त करता क्रम हृदय का,
अचम्भी स्तब्धता मन छा गयी जब,
शब्द स्थिर, रिक्त मन अनुभाव से था ।
प्रेम अब अभिव्यक्ति बनकर गा रहा है,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । ५।

किन्तु मन में ज्योति टिमटिम जल रही थी,
शान्त श्रद्धा जीवनी में बढ़ रही थी,
चिर प्रतीक्षित भावना से तृप्त करती,
लिपटती, बन बेल हृद में चढ़ रही थी ।
नेत्र में आनन्द सा उतरा रहा है,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । ६।

थका मन अब छाँह का सुख पा रहा है,
भावना में डूबना फिर भा रहा है,
मुझे कल की वेदना से मुक्त कर दो,
आज प्रियतम जीवनी में आ रहा है । ७।