संग तुम्हारे राह पकड़ कर,
छोड़ा सब कुछ बीते पथ पर,
छोड़ा सब कुछ बीते पथ पर,
मन की सारी उत्श्रंखलता,
सुख पाने की घोर विकलता,
सुख पाने की घोर विकलता,
मुक्त उड़ाने, अपने सपने,
भूल आया संसार विगत मैं,
भूल आया संसार विगत मैं,
स्वार्थ रूप सब स्वर्ग सिधारे,
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।१।।
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।१।।
बन्धन को सम्मान दिलाने,
मन की बागडोर मैं थामे,
मन की बागडोर मैं थामे,
तज कर नयनों की चंचलता,
नयी जीवनी प्रस्तुत करता,
नयी जीवनी प्रस्तुत करता,
निर्मित की जो निष्कर्षों से,
अर्पित तुम पर पूर्ण रूप से,
अर्पित तुम पर पूर्ण रूप से,
तुम पर ही आधार हमारे,
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।२।।
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।२।।
नये पंथ पर लाया जीवन,
देखो कुछ खो आया जीवन,
देखो कुछ खो आया जीवन,
सहज नया एक रूप बनाकर,
बीता सकुशल, उसे बिताकर,
बीता सकुशल, उसे बिताकर,
स्वागत का एक थाल सजाये,
आशाआें का दीप जलाये,
आशाआें का दीप जलाये,
अपना सब कुछ तुम पर वारे,
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।३।।
हेतु तुम्हारे प्रियतम प्यारे ।।३।।