18.9.13

एप्पल - एक और दिशा निर्धारण

नया स्वरूप
जैसा कि पुरानी पोस्ट में संभावना व्यक्त की थी, एप्पल ने आईफ़ोन के दो मॉडल उतारे, पॉलीकार्बोनेट काया का आईफ़ोन 5सी व धातुकाया का आईफ़ोन 5एस। बहुत अच्छा किया कि इन दोनों में ही उसने अपने मुख्य मानक नहीं बदले, चार इंच की स्क्रीन रखी, ११२ ग्राम का भार और ३२६ पीपीआई की स्क्रीन स्पष्टता भी। बड़ी स्क्रीन व बढ़ी स्पष्टता के लिये बड़ा कोलाहल था, पर ये दोनों बैटरी निचोड़ने में अधिक और उपयोगिता में कम सिद्ध होने वाले थे, अतः इन्हें न बदल कर एप्पल ने अपना सशक्त पक्ष बनाये रखा है। जैसा सोचा था, बैटरी की क्षमता बिना भार बढ़ाये लगभग १० प्रतिशत बढ़ी है, पर उसकी तुलना में उससे बैटरी का समय नहीं बढ़ा है। यह अतिरिक्त बैटरी क्षमता, मोबाइल का समय न बढ़ा कर कहीं और सार्थक उपयोग में लायी गयी है, आइये उसके महत्व को समझते हैं।

एप्पल ने मुख्यतः तीन क्षेत्रों में बदलाव किये हैं। प्रोसेसर, कैमरा और सुरक्षा। अपनी छवि और नेतृत्व के अनुसार ये तीनों तकनीकी बदलाव मोबाइल क्षेत्र में सर्वप्रथम हैं, शेष अन्य मोबाइल बनाने वालों के लिये अनुकरणीय। अभी केवल आईफ़ोन से संबद्ध घोषणायें हुयी हैं पर इसके तन्तु आने वाले अन्य उत्पादों में भी झंकृत होते रहेंगे।

जो प्रोसेसर नये आईफोनों में आयेगा, वह ए७(A7) होगा। एक बात बताते चलें कि प्रोसेसर मोबाइल या कम्प्यूटर की आत्मा होता है और जो भी गणनायें या कार्य होते हैं, वह प्रोसेसर के माध्यम से ही होते हैं। यह जानना भी रोचक है कि जो भी प्रोसेसर होते हैं उन्हें एप्पल स्वयं ही डिजायन करता है और इस तरह से करता है कि हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर में समन्वय सम्पूर्ण रहे। इसकी विशेषता यह है कि यह ६४ बिट है। ६४ बिट तनिक तकनीकी शब्द है और जब मैंने अपना लैपटॉप को पुनः प्रतिष्ठित किया था, इस शब्द को समझाया था। आपको असुविधा न हो अतः पुनः इसे समझा देता हूँ।

हर प्रोसेसर में एक मेमोरी होती है जो सामान्य मेमोरी से भिन्न होती है। इस मेमोरी को रैम(RAM) कहते हैं। इसका प्रयोग भिन्न प्रोग्रामों को चलाने के लिये एक अस्थायी क्षेत्र की तरह से किया जाता है। जब कोई प्रोग्राम चलता है तो अपने को सुचारु रूप से चलाने के लिये वह रैम से ही मेमोरी छेंक लेता है। जब एक साथ कई प्रोग्राम चलते हैं तो सबके हिस्से की सम्मिलित मेमोरी कुल रैम से अधिक नहीं होनी चाहिये। यदि ऐसा होता है तो प्रोग्रामों के बीच होड़ मचेगी। तब या तो कुछ प्रोग्राम नहीं चलेगें, या चलेंगे तो धीरे चलेंगे। सरल प्रोग्राम कम रैम लेते हैं, वीडियो गेम जैसे प्रोग्राम या गणना प्रधान प्रोग्राम कहीं अधिक मेमोरी लेते हैं।

कितना कुछ है मुझमें
३२ बिट के प्रोसेसरों की रैम २ की ३२ घातों तक होती है और ४जीबी के पार नहीं जा पाती है। ६४ बिट के प्रोसेसरों में रैम १६ ईबी तक बढ़ाई जा सकती है। कहने का आशय यह कि प्रोग्रामों के लिये कई गुना अधिक मेमोरी उपस्थित रहेगी। इस बढ़ी हुयी मेमोरी का लाभ और अधिक उन्नत प्रोग्राम बनाने के लिये किया जा सकता है और वही एप्पल का उद्देश्य भी है। ६४ बिट के प्रोसेसर मुख्यतः लैपटॉप में लगाये जाते हैं, मोबाइलों में इसका प्रयोग प्रारम्भ कर एप्पल मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के बीच के अन्तर की मिटाने पर उद्धत है। अपनी स्क्रीन के आकार के कारण मोबाइल भले ही लैपटॉप का स्थान न ले पाये, पर टैबलेट निश्चय ही लैपटॉप की समाप्ति के अन्तिम गीत गाने लगेंगे।

मोबाइल और टैबलेट में ६४ बिट का प्रोसेसर लाकर एप्पल ने पहल कर अपना आशय स्पष्ट कर दिया है, प्रतियोगियों के पास अब और कोई विकल्प नहीं है, सिवाय इसके कि वे भी अनुसरण करें। चित्रों और ग्रॉफिक्स के लिये भी एप्पल उच्चतम वर्तमान मानक लेकर आया है। यही नहीं ए७ के साथ में एक और उपप्रोसेसर एम७ भी होगा, जो मोबाइल से मापी जा सकने वाली शरीर की गतियों की गणना करेगा और वह भी मुख्य प्रोसेसर की ऊर्जा व्यर्थ किये बिना। यह उपप्रोसेसर स्वास्थ्य, चिकित्सा मनोरंजन आदि के क्षेत्रों में बनाये जाने वाले प्रोग्रामों के लिये आधारभूत संरचना तैयार करेगा। निश्चय ही यह मानवता के लिये अत्यन्त लाभदायक रहेग और इस क्षेत्र में सृजनात्मकता के वृहद विस्तार खोलेगा।

६४ बिट ए७ प्रोसेसर का एक व्यवसायिक कारण भी है। अभी तक एप्पल अपने मैक कम्प्यूटरों पर इन्टेल प्रोसेसर उपयोग में ला रहा है। इस विकास के बाद आने वाले मैकबुक एयर में यदि ए७ प्रोसेसर आ जाये तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। जहाँ एक ओर इन्टेल प्रोसेसर अधिक बैटरी खाता है, वरन आकार में बड़ा भी है। साथ ही साथ बाह्य निर्भरता के कारण मैकबुक के हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर पक्ष में अधिक समन्वय की संभावना नहीं मिल पायी है। भविष्य के संकेत माने तो आने वाले समय में मैकबुक का आकार घटेगा, मूल्य कम होगा, भार कम होगा, सॉफ़्टवेयर अधिक उत्पादक होंगे और सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि बैटरी का समय २४ घंटे तक हो सकता है। इसे लेकर न केवल एप्पल उत्साहित है वरन तकनीकविदों में भी सुखद भविष्य की आशा का संचार है।

एप्पल ने आईओएस६ (iOS6) से ही लैपटॉप व मोबाइल के ओएस की दूरियाँ कम करना प्रारम्भ कर दिया था। आईओएस७ से यह कार्य और आगे बढ़ने वाला है जिससे लैपटॉप व मोबाइल में किये गये कार्य में कोई भिन्नता न हो और उपयोगकर्ता का अनुभव एक सा ही रहे।

यद्यपि कैमरे का मेगापिक्सल ८ ही रखा गया गया है, पर चित्रों की गुणवत्ता के क्षेत्र में तीन प्रमुख उन्नत विकास किये गये हैं। पहला लेन्स का आकार बढ़ाया गया है जिससे दृश्यों से सेन्सरों पर अधिक प्रकाश पहुँचे और चित्रों की गुणवत्ता बढ़े। दूसरा सेन्सरों का आकार लगभग २० प्रतिशत बढ़ा दिया है जिससे वे अधिक फोटॉन्स ग्रहण कर सके और स्पष्ट चित्र बन सकें। तीसरा फ़्लैश के प्रकाश का रंग वातावरण के रंग जैसा हो जाये जिससे दृश्यों की यथार्थता चित्रों में आये, न कि कोई तीसरा और भिन्न रंग। इसके अतिरिक्त सामर्थ्यशाली प्रोसेसर का लाभ उठाते हुये, एक साथ कई चित्र, उनका त्वरित संपादन और उन्नत निष्कर्ष, जिससे आप एक सिद्धहस्त फ़ोटोग्राफ़र की तरह चित्र खींच सकें।

सुरक्षा के क्षेत्र में फ़िंगरप्रिंट को मोबाइल खोलने व धनविनिमय का माध्यम बना देने से मोबाइल पहले से कहीं सुरक्षित हो चले हैं। अब कोई आपका मोबाइल नहीं चुरा पायेगा क्योंकि किसी चोर के लिये वह मोबाइल कभी खुलेगा ही नहीं। फ़िंगरप्रिंट से संबंधित तथ्य कहीं और न संरक्षित रह कर प्रोसेसर के अन्दर संरक्षित रहेंगे। इससे मोबाइल सुरक्षा की दीवार और भी ऊँची हो जायेगी और मोबाइल चोरी होना एक पुरानी कहानी सा हो जायेगा।

अपनी छवि के अनुसार एप्पल ने तकनीक के तीन अध्याय खोल दिये हैं। इस बार भी उपयोगकर्ताओं के सतही माँगों के बाजार को नकारते हुये, तकनीक पर स्वयं को केन्द्रित रखा है। १० सितम्बर को हुयी घोषणायें आने वाले कई वर्षों की दिशा निर्धारण की क्षमता रखती हैं, पूरे मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के क्षेत्र के लिये।

34 comments:

  1. बहुत अच्छी जानकारी देती आलेख
    संग्रहणीय पोस्ट
    हार्दिक शुभकामनायें

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  2. जिस दिन एप्प्ल ने दोनों मोबाईल लांच किये थे, तब उनके ४ इंच स्क्रीन के बारे में पढ़कर आपकी पोस्ट की याद आ गई थी, एप्पल लाख अच्छा हो, बस दाम ज्यादा होने के कारण लेने की हिम्मत करना बहुत मुश्किल होता है ।

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  3. उम्दा जानकारी देती पोस्ट |आभार सहित

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  4. मेरे लिए आजमाए बिना समझ पाना संभव नहीं होता, लेकिन दिशा तो मिलती है.

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  5. बहुत अच्‍छी जानकारी, हम तो हमारे i5 से ही खुश हैं।

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  6. Nice www.hinditechtrick.blogspot.com

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  7. आपके द्वारा अच्छी जानकारी प्राप्त कर अनुग्रहीत,धन्यवाद !

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  8. बहुत अच्‍छी जानकारी.

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  9. आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल {बृहस्पतिवार} 19/09/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" पर.
    आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

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  10. मुझे तो बेसब्री से इंतज़ार है इसके आने का ...
    अच्छी जानकारी साझा की है आपने ...

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  11. शुक्रिया इतनी जानकारी का. देखते हैं दाम क्या होते हैं.

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  12. निश्चित ही आईफोन 5Sकमाल का है,पर सैमसंग का नोट 3 तगड़ी टक्कर देगा।

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  13. बहुत ही उपयोगी जानकारी मिली.

    रामराम.

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  14. Very technicle and useful information .

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  15. सुरक्षा की दृष्टि महत्‍वपूर्ण है। और इस हेतु भी कार्य हुए हैं।

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  16. इस आलेख से भी दिशा निर्धारित होता है और चुनाव सरल हो जाता है .

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  17. बहुत अच्छी जानकारी देता आलेख, आपका आभार सर।

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  18. यद्यपि अपने को कुछ समझ में नहीं आता तथापि ज्ञान-वर्धक आलेख ।

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  19. आज की विशेष बुलेटिन "रहीम" का आँगन, राम की "तुलसी" और ब्लॉग बुलेटिन में आपकी इस पोस्ट को भी शामिल किया गया है। सादर .... आभार।।

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  20. महत्वपूर्ण अद्यतन जानकारी समझा कर बताई है आपने। शुक्रिया।

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  21. नई और अच्छी जानकारी..... पाठकों के तकनीकी ज्ञान को सही दिशा देती हैं आपकी पोस्ट्स

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  22. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - शुक्रवार - 20/09/2013 को
    अमर शहीद मदनलाल ढींगरा जी की १३० वीं जयंती - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः20 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





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  23. अच्छा विश्लेषण, अगर सस्ता हुआ तो जरूर खरीदेंगे।

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  24. Apple is leaving no stone unturned.

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  25. मंहगा है, किन्तु सबसे अच्छा।

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  26. तकनीक को समझने और समझाने में आपका जवाब नहीं। वैसे जवाब नहीं का सिलसिला यहीं रुक जाता हो ऐसा भी नहीं है.

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  27. बहुत खूब,बहुत सुंदर जानकारी देता आलेख !

    RECENT POST : हल निकलेगा

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  28. बेहतरीन और संग्रहनीय आलेख के लिए आभार

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  29. “अजेय-असीम{Unlimited Potential}” -
    अत्यन्त गूढ़ और ज्ञानवर्धक लेख ,मेरे लिए मार्गदर्शक भी !

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  30. जानकारी देता आलेख ।

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  31. जानकारी देता आलेख ।

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  32. जानकारी देता आलेख ।

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  33. ज्ञान का भंडार समाया हुआ होता है आपकी पोस्‍ट में

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