4.5.13

अनमोल जीवन

विश्व वंचित कर रहा है,
है सकल संवाद स्थिर,
दृष्टि में दिखती उपेक्षा,
भाव तम एकांत में घिर।

मान लो संकेत है यह,
कर्म एकल, श्वेत है यह,
आत्म की राहें प्रतीक्षित,
रत्नपूरित खेत है यह।

एक क्षण भी नहीं रोना,
हृदय की ऊर्जा पिरोना,
मिल गया अवसर अनूठा,
एक क्षण भी नहीं खोना।

आत्म है अनमोल जीवन,
उस विरह को खोल जीवन,
देख ले क्या क्या छिपा है,
जान ले क्या मोल जीवन।

42 comments:

  1. एक क्षण भी नहीं रोना,
    हृदय की ऊर्जा पिरोना,
    मिल गया अवसर अनूठा,
    एक क्षण भी नहीं खोना। एक प्रेरणा प्रदान करती सुन्दर कविता।।

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  2. नव उर्जा का सारगर्भित गीत

    आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।

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  3. सार तो मुझे अंतिम पंक्ति में दिखायी देता है.

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  4. सारा सार तो चित्र में ही दर्शित है । नव-पल्लवित हो जीवन सदा ।

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  5. एक क्षण भी नहीं रोना,
    हृदय की ऊर्जा पिरोना,
    मिल गया अवसर अनूठा,
    एक क्षण भी नहीं खोना।

    सकारात्मक ...सारगर्भित पंक्तियाँ ....चहुँ ओर व्याप्त अंधकार ....अथक परिश्रम ही राह दिखायेगा और जीवन प्रशस्त करेगा .......!!

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  6. एक क्षण भी नहीं रोना,
    हृदय की ऊर्जा पिरोना,
    मिल गया अवसर अनूठा,
    एक क्षण भी नहीं खोना।

    जोश और बोध को जगाती सुंदर रचना, शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  7. अंतर्मन को सकारात्मक ऊर्जा देती पंक्तियाँ .....

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  8. जीवन के प्रत्येक क्षण का भरपूर सदुपयोग होना चाहिये.

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  9. दुहराना चाहूँगा गद्य का गाम्भीर्य हो या पद्य का आवेग, आप की प्रस्तुतियाँ अद्भुत होती हैं। जियो प्रवीण भाई जियो।

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  10. आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।
    बहुत उम्दा,भावपूर्ण गहन अभिव्यक्ति,,,

    RECENT POST: दीदार होता है,

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  11. जीवन का सार समझाती सुन्दर रचना।

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  12. आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।
    बहुत सुंदर ...

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  13. जीवन का एक एक क्षण कीमती हैं ...
    बधाई !

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  14. जीवन का मूल्यांकन !!!!!!!

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  15. अनमोल जीवन अनमोल वचन

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  16. अनमोल जीवन अनमोल वचन

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  17. Anmol jiwan ko bhi to samajh nahi paya vyarth hee apnon ko rulaya jane patthat tha ya aur kuch kishi ke kam mai kabhee nahi aaya

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  18. अनमोल जीवन, तन, मन,

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  19. बड़ी ही अच्छी कविता लिखी है.. दिल को छू गयी..
    सचमुच जीवन कितना अनमोल है.....

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  20. आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।
    अनुपम भाव संयोजन ...
    आभार

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  21. प्रेरक है आपकी यह सीधी-सादी कविता।

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  22. अति सुन्दर....

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  23. वाह !तुम हो कौन कहाँ से आये , अपने आप को जानो ,राज योग के द्वारा अपना परम पिता पहचानो .इसी राज पथ पर चलके तुम पा लो अपना बसेरा ,होगा दूर अन्धेरा .जीवन अपना लक्ष्य पा जाएगा .ॐ शान्ति .

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  24. सच है ये जीवन अनमोल है.. बहुत सुन्दर...

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  25. उदबोधक उदगार

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  26. एक क्षण भी नहीं रोना,
    हृदय की ऊर्जा पिरोना,
    मिल गया अवसर अनूठा,
    एक क्षण भी नहीं खोना।

    - बहुत प्रेरक पंक्तियां हैं !

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  27. देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।

    प्रेरणादायक जीवन का मूल्य अनमोल है.

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  28. आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।

    जीवन के मन के विविध आयामों को खंगालती पोस्ट बेहतरीन अंदाज़ और तारतम्य लिए .जीवन के उजले पक्ष को वजन देती पोस्ट .शुक्रिया आपकी टिप्पणियों का .

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  29. बहुत ही सुन्‍दर लेख
    हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र की रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियॉ प्राप्‍त करने के लिये इसे एक बार अवश्‍य देखें,
    लेख पसंद आने पर टिप्‍प्‍णी द्वारा अपनी बहुमूल्‍य राय से अवगत करायें, अनुसरण कर सहयोग भी प्रदान करें
    MY BIG GUIDE

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  30. ॐ शान्ति .शुक्रिया आपका शिव बाबा की पोस्ट्स पर .

    हर पल का सम्पूर्ण दोहन .देख तो किस पल के गर्भ में भला छिपा है क्या .दे रहा जीवन निमंतरण .सुन अरे !ओ !विकल मन .

    ॐ शान्ति

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  31. Beautiful poem. Love the rhyme and soul of it.

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  32. One of the best..
    n very inspiring.. I've noted it down :)

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  33. वक़्त वो अब आ गया है
    श्वेत रक्त बल खा गया है
    थाम लो हाथ मिल सब
    प्रवीण ये समझा गया है ....:))

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  34. शानदार रचना

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  35. जीवन का बोध और सदुपयोग करने को प्रेरित करती कविता !

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  36. आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।-प्रेरणा दायक पंक्तियाँ


    latest post'वनफूल'

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  37. तूने रात गंवाई सोया के ,दिवस गवांया खाय के ,हीरा जन्म अमोल था कौड़ी बदले जाए .....यही

    संकेत है यहाँ भी -देख तो अनमोल जीवन ...........

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  38. एक क्षण भी नहीं रोना,
    हृदय की ऊर्जा पिरोना,
    मिल गया अवसर अनूठा,
    एक क्षण भी नहीं खोना। ...बहुत सुन्दर प्रेरणा ..

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  39. अन्तरमन के द्वार खुलने पर ही जीवन का सत्य समझ में आता है । उत्प्रेरक कविता ।

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  40. आत्म है अनमोल जीवन,
    उस विरह को खोल जीवन,
    देख ले क्या क्या छिपा है,
    जान ले क्या मोल जीवन।
    ......................
    कस्तूरी कुंडल बसे.

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