न दैन्यं न पलायनम्
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1.1.14
सांस्थानिक समर्थन के उन्नत पक्ष
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ब्लॉग के लिये एक आधारभूत ढाँचा तैयार करने और उसके प्रवाह को सुनिश्चित करने के बाद उसके संवर्धन के प्रयास आवश्यक होने चाहिये। ऐसा हो रहा ह...
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28.12.13
सांस्थानिक समर्थन का अर्थ
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पिछले दस वर्ष के इतिहास और भविष्य की अपेक्षाओं के संदर्भ में देखता हूँ तो मुझे सांस्थानिक समर्थन का अर्थ ९ स्पष्ट कार्यों या स्तरों में स...
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25.12.13
हिन्दी ब्लॉग और सांस्थानिक समर्थन
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आज से दस वर्ष पहले आलोकजी ने पहला हिन्दी ब्लॉग नौ दो ग्यारह बनाया था। तब संभवतः किसी को अनुमान नहीं होगा कि डायरीनुमा ढाँचे में स्वयं को...
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20.3.13
गूगलम् - इदं न मम्
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पिछला सप्ताह गूगल के नाम रहा। वैसे तो गूगल का मान कम न था हमारे जीवन में, कई रूपों में उपयोग करते हैं और आगे भी संभवतः करते ही रहेंगे। जीम...
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19.10.11
आनन्द मनाओ हिन्दी री
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पिछला एक माह परिवर्तन का माह रहा है मेरे लिये, स्वनिर्मित आवरणों से बाहर आकर कुछ नया स्वीकार करने का समय। स्थिरता की अकुलाहट परिवर्तन क...
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7.9.11
हिन्दी उत्थान और सहजता
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घर में ' सब ' चैनल के कार्यक्रम अधिक चलते हैं , हल्के फुल्के रहते हैं , परिवार के साथ बैठ कर देखे जा सकते हैं , बच्चों को भी सुहा...
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13.11.10
भाषायी उत्पात और अंग्रेजी बंदर
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श्री विश्वनाथजी पूर्वज तमिलनाडु से केरल गये, पिता महाराष्ट्र में, शिक्षा राजस्थान में, नौकरी पहले बिहार में शेष कर्नाटक में, निजी व्...
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