न दैन्यं न पलायनम्
28.4.12
उन्होनें साथ निभाया
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दस दिन की यात्रा थी, पैतृक घर की। बहुत दिन बाद छुट्टी पर गया था अतः अधीनस्थों को भी संकोच था कि जब तक अति आवश्यक न हो, मेरे व्यक्तिगत समय ...
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25.4.12
डोलू कुनिता
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स्थान बंगलोर सिटी रेलवे स्टेशन, प्लेटफार्म 8, समय सायं 7:30 बजे, बंगलोर राजधानी के यात्री स्टेशन आने लगे हैं, यद्यपि ट्रेन छूटने में अभी 5...
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21.4.12
एक लड़के की व्यथा
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एक लड़का था, बचपन में देखता था कि सबकी माँ तो घर में ही रहती हैं, घर का काम करती हैं, बच्चों को सम्हालती हैं, पर उसकी माँ इन सब कार्यों के...
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18.4.12
नायक या निर्णायक
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नया मार्ग प्रस्तुत करना या निहित दोष बतलाना है, कर्म-पुञ्ज से पथ प्रशस्त या बुद्धि-विलास सिखाना है, नूतनता में उद्बोधित या वही पुराना चि...
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14.4.12
विधि की व्यवस्था
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नास्तिकों का एक बड़ा तर्क है, यदि ईश्वर है तो यह अन्याय और अव्यवस्था क्यों? यदि वह ईश है और दयालु है तो किसी को कोई दुख होना ही नहीं चाहिय...
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11.4.12
कार्यरत इंजन की आवाज
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इंजन शक्ति का प्रतीक है, इंजन विकास की अभिव्यक्ति का प्रतीक है, इंजन गतिमयता का स्रोत है, इंजन विज्ञान के दंभ से ओतप्रोत है। इंजन को जब भी...
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7.4.12
नकल का सिद्धांत
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नकल एक सार्वभौमिक परिकल्पना है। प्रकृति के हर अंग में कूट कूट कर भरी है यह प्रवृत्ति। सारी संततियाँ आकार प्रकार में अपने पूर्वजों की शतप...
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4.4.12
नकल क्षेत्रे
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परीक्षा कक्ष से अधिक आंदोलित क्षेत्र मिलना बहुत कठिन है, मन और मस्तिष्क पूर्णतया आंदोलित रहते हैं उन तीन घंटों में। जितनी ऊष्मा भर जाती हो...
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31.3.12
नकल की तैयारी
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जब युवा मित्र निश्चय कर चुके थे कि नकल पूर्णतया न्यायसंगत और धर्मसंगत है तो उन्हें पढ़ने के लिये उकसाने का तथा कोई महत्वपूर्ण अध्याय पढ़ा ...
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28.3.12
नकल का अधिकार
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'भैया, पास न भयेन तो बप्पा बहुतै मारी' अर्थ था कि भैया, यदि परीक्षा में पास न हो पाये तो पिताजी बहुत पिटायी करेंगे। १८ साल का युवा...
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24.3.12
उपलब्धि रही यह जीवन की
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रातें लम्बी, दिन छोटे हैं, हम व्यथा बनाये ढोते हैं, रातों की काली स्याही में, हम उजले दिन भी खोते हैं। जब आशा बन उद्गार जगी, तब रोक वृत्...
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21.3.12
होली के उन्माद में नाचना
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नृत्य और संगीत, कहते हैं कि स्वर्ग की एक भेंट है, हम पृथ्वीवासियों के लिये। स्वर्ग में हर पग नृत्य है और हर बोल संगीत। कई विधायें हैं, संस...
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17.3.12
आज जी भर देख लेते
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हम हृदय का उमड़ता आवेग कुछ पल रोक लेते, समय यदि कुछ ठहर जाता, आज जी भर देख लेते। तुम न ऐसे मुस्कराती, सकपका पलकें झपाती, ना फुलाकर गाल...
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14.3.12
अपूर्ण एक पूर्ण शब्द है
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बचपन और युवावस्था में एक बीमारी बहुधा सबको ही होती है कि बड़ा खाली खाली सा लगता है। एक के बाद एक कोई न कोई कार्य मिलते रहना चाहिये, व्यस्त...
114 comments:
10.3.12
सोझ समझ कर पीना, यह चम्बल का पानी है
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जब भूगोल पढ़ना प्रारम्भ किया तब कहीं जाकर समझ में आया कि बचपन में जो भी पानी हमने पिया, वह यमुना का नहीं चम्बल का था। आगरा की यमुना में कु...
126 comments:
7.3.12
अम्मा, गूगल और वेलु का पंजाबी ढाबा
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रेलवे में निरीक्षण का कार्य अत्यन्त गहन होता है। आवश्यक भी है, यदि आपके संसाधन विस्तृत क्षेत्र में फैले हों। ट्रैक पर लगी एक एक क्लिप पर...
124 comments:
3.3.12
परीक्षा की विधियाँ
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कुछ लोग होते हैं जिन्हें परीक्षा का तनिक भी भय नहीं होता है, अंक भले ही कितने आयें। मार्च-अप्रैल की नीरवता में डूबी गर्म दुपहरियों में य...
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29.2.12
आस धुआँ, हर साँस धुआँ
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रघुबीरजी के लिये कूड़े के ढेर का प्रकरण अन्ततः एक चिरकालिक शान्ति लाया, यद्यपि इसके लिये उन्हें नगर निगम के अधिकारी के साथ मिलकर सारा भ्र...
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25.2.12
परीक्षा
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परीक्षा श्रेष्ठता सिद्ध करने की विधि है, श्रेष्ठ होने की अनिवार्यता नहीं है। यह दर्शन का वाक्य नहीं, हम सबके दैनिक अनुभव की विषयवस्तु है। ...
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22.2.12
फेसबुक, आपको भी धन्यवाद और विदा
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नकारात्मकता से सदा ही बचना चाहता हूँ, बहुत प्रयास करता हूँ कि किसे ऐसे विषय पर न लिखूँ जिसमें पक्ष और विपक्ष के कई पाले बना कर विवाद हो, व...
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