न दैन्यं न पलायनम्
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होली
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27.3.13
युक्तं मधुरं, मुक्तं मधुरं
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होली की पदचाप सारी प्रकृति को मदमत कर देती है। टेसू के फूल अपने चटक रंगों से आगत का मन्तव्य स्पष्ट कर देते हैं। कृषिवर्ष का अन्तिम माह, धन...
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21.3.12
होली के उन्माद में नाचना
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नृत्य और संगीत, कहते हैं कि स्वर्ग की एक भेंट है, हम पृथ्वीवासियों के लिये। स्वर्ग में हर पग नृत्य है और हर बोल संगीत। कई विधायें हैं, संस...
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