न दैन्यं न पलायनम्
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3.4.16
संस्कृति
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गूँजतीं हैं प्रतिध्वनियाँ, वेद की शाश्वत ऋचायें, अनवरत बहती रहेंगी, वृहद संस्कृति की विधायें ।। आज कुछ राक्षस घिनौने, भ्रमों क...
5 comments:
10.6.14
पहचाना पथ
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पिछले माह जब बंगलोर से अपना सामान लाने के लिये गया तो पुराने कई पर्यवेक्षकों से बातचीत हुयी। जब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि हम बनारस पहुँच चुके...
18 comments:
2.11.13
भाषायी संबंध
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न जाने कितना कुछ कहती यह भाषा भाषा संबंधी अध्ययन के समय में एक विशेष प्रश्न आया था, कि किस प्रकार भाषा संस्कृतियों के पक्षों को अपने म...
29 comments:
5.12.12
संस्कृति बुलाती है
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मानव अपनी जड़ों से जुड़ना चाहता है, उसे अच्छा लगता है कि वह अपने इतिहास को जाने, उसे अच्छा लगता है यह जानना कि अपने पूर्वजों की तुलना में...
52 comments:
6.10.12
बच्चों की संस्कृति
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अपनी संस्कृति पर गर्व होना स्वाभाविक है, पर सारा जीवन अपनी संस्कृति के एकान्त में नहीं जिया जा सकता है, अन्य संस्कृतियाँ प्रभावित करती है...
62 comments:
16.6.12
स्वतन्त्र देवता
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जीवन की प्राथमिकतायें संस्कृतियों के निर्माण में अहम योगदान देती हैं। जब धन की प्राथमिकता होती है, सारे तन्त्र बाजार का रूप धर लेते हैं, य...
67 comments:
9.2.11
जियो, ऑर्नब और मित्रों
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भूल हो गयी मुझसे, जो कबाड़खाने की यह पोस्ट सुन ली। पिछले पाँच दिनों से उसका मूल्य चुका रहा हूँ, ' ओरे नील दोरिया ' न जाने कितन...
69 comments:
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