न दैन्यं न पलायनम्
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22.6.21
सात जन्म - एक प्रश्न
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शीर्षक पढ़ते ही स्वाभाविक विचार आता है कि संभवतः चर्चा विवाह सम्बन्धों के कालखण्ड की होगी, एक के बाद एक, जीवनोत्तर। बहुधा इसी संदर्भ में स...
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15.8.12
एक समन्दर या दसियों घट
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जीवन में गहराई हो या मात्रा हो, यह प्रश्न सदा ही उठता रहा है। प्रेम के संदर्भों में भी यह प्रश्न उठ खड़ा होता है, विशेषकर तब, जब संवाद चित...
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22.10.11
मैक या विण्डो - वैवाहिक परिप्रेक्ष्य
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कहते हैं यदि व्यक्ति तुलना न करे तो समाज संतुष्ट हो जायेगा और चारों ओर प्रसन्नता बरसेगी। पड़ोसी के पास कुछ होने का सुख आपके लिये कुछ खोने...
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5.10.11
मधुरं मधुरं, स्मृति मधुरं
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कल देवेन्द्रजी के ब्लॉग पर एक पोस्ट पढ़ी, पढ़ते ही चेहरे पर एक स्मित सी मुस्कान खिंच आई। विषय था गृहणियों के बारे में और प्रसंग था उनक...
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11.12.10
करूँ प्रतीक्षा, आँखें प्यासी
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आओ तुम जीवन प्रांगण में , छाओ बन आह्लाद हृदय में , उत्सुक है मन , बाट जोहता , नहीं अकेले जगत सोहता , तृषा पूर्ण , हैं रिक्तिक यादे...
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23.6.10
स्वर्ग
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नहीं, यह यात्रा वृत्तान्त नहीं है और अभी स्वर्ग के वीज़ा के लिये आवेदन भी नहीं देना है। यह घर को ही स्वर्ग बनाने का एक प्रयास है जो भारत...
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