न दैन्यं न पलायनम्
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विकास
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12.6.21
मिल के साथ आयें हम
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मिल के साथ आयें हम, देश को बचायें हम । खो गये जो लब्ध शब्द, पुनः ढूढ़ लायें हम । केश हैं खुले हुये, द्रौपदी के आज फिर, पापियों के वक्ष से...
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7.9.13
अगला एप्पल कैसा हो
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जब कभी भी एप्पल का नया उत्पाद आने वाला होता है, अपेक्षाओं की एक लम्बी सूची बन जाती है। हो भी क्यों न, किसी भी क्षेत्र में नायकों से यह आशा...
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6.10.12
बच्चों की संस्कृति
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अपनी संस्कृति पर गर्व होना स्वाभाविक है, पर सारा जीवन अपनी संस्कृति के एकान्त में नहीं जिया जा सकता है, अन्य संस्कृतियाँ प्रभावित करती है...
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3.9.11
पानीदार कहाँ है पानी?
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पानी का साथ बचपन से प्रिय है , तैरने में विशेष रुचि है। कारण कोई विशेष नहीं , बस जहाँ जन्म हुआ और प्रारम्भिक जीवन बीता उस नगर हमीरपुर में...
79 comments:
23.7.11
तोड़ महलिया बना रहे
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उन्मादित सब जीव , वृक्ष भी , अन्तरमन भी और दृश्य भी , एक व्यवस्था परिचायक है , अह्लादित हैं ईश , भक्त भी , रहें विविध सब , पर मि...
73 comments:
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