न दैन्यं न पलायनम्
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वनगमन
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16.10.21
राम का निर्णय(संवेदना)
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राम वन को चल दिये। नगरवासी उनके साथ रहने का निश्चय कर पीछे चलने लगे। राम ने आगामी रात्रि में ही सबको सोता हुआ छोड़कर चुपचाप अपनी यात्रा मे...
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14.10.21
राम का निर्णय (प्रयाण)
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सुमन्त्र का मन कैकेयी की कुटिल गति देखकर बिद्ध था। प्रातः से ही कैकेयी के आचरण ने उनको व्यथित कर रखा था। दशरथ और राम के बीच का यह संवाद सु...
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12.10.21
राम का निर्णय (वचन या आज्ञा)
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गुरु वशिष्ठ, पिता दशरथ और सब माताओं को वहाँ एकत्र देख राम ने हाथ जोड़कर प्रणाम करते हुये कक्ष में प्रवेश किया। पीछे सीता और अन्त में लक्ष्मण...
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7.10.21
राम का निर्णय (प्रस्तुत)
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राम शान्त थे और संतुष्ट भी। सीता के आक्षेपपूर्ण शब्दों ने राम को आहत नहीं किया था वरन मन का यह विश्वास दृढ़ किया था कि वनगमन का निर्णय सीत...
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5.10.21
राम का निर्णय (संबल)
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यद्यपि सीता वन में निवास को सहज बता रही थी, राम का मन उसे स्वीकार नहीं कर पा रहा था। राम को लग रहा था कि देवी सीता को या तो उन कठिनाइयों का ...
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30.9.21
राम का निर्णय (सीता)
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लक्ष्मण आगे कुछ नहीं कहते हैं, तर्क का उद्देश्य निर्णय के सभी विकल्पों के पक्षों को सामने लाना था। सब जानकर और सब सुनकर राम ने अपना निर्णय न...
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28.9.21
राम का निर्णय (पुरुषार्थ)
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लक्ष्मण भावों के द्वन्द्व में थे। राज्याभिषेक में विघ्न उपस्थित होने से उन्हें दुःख था पर भैया राम की धर्म के प्रति दृढ़ता देख कर उन्हें आत्...
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23.9.21
राम का निर्णय(दैवयोग)
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धर्मकेन्द्रित निर्णय प्रक्रिया राम के व्यक्तित्व का सशक्त हस्ताक्षर रही है। इस तथ्य को माँ कौशल्या भी जानती थी और लक्ष्मण भी। राम को धर्म की...
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21.9.21
राम का निर्णय(धर्म अर्थ काम)
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लक्ष्मण के तर्कों और राज्य अधिग्रहण करने के उत्साहपूर्ण वचनों से माँ कौशल्या के शोक में कुछ कमी आयी थी। राम को कुछ न बोलते देख माँ की आशा बढ...
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