न दैन्यं न पलायनम्

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29.6.13

महीने भर का ऱाशन या महीने भर का लेखन

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सप्ताहान्त के दो दिन यदि न होते तो संभवतः सृष्टि अब तक विद्रोह कर चुकी होती, या सृष्टि तब तक ही चल पाती, जब तक चलने दी जाती। वे सारे कार्...
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