न दैन्यं न पलायनम्
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6.11.21
मित्र - ४०(भेदी और कृपापात्र)
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भेदियों की कारण-श्रृंखला में एक प्रमुख कारण कृपापात्र बनने का आया। कृपापात्र बनने का प्रयास आगामी लाभ पाने के लिये या हानि से बचने के लिये क...
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4.11.21
मित्र - ३९(भेदी और प्राप्ति)
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भेदी बनने के कई तुच्छ कारण भी थे। तीन मुख्य कारण पिछले ब्लाग में समझे जा चुके हैं। कुछ और कारण जो पंकज, रवीन्द्र और आलोक ने बताये हैं, उन्हे...
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2.11.21
मित्र - ३८(भेदी और कारण)
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भेदी होने के कारण ढूढ़ने बैठा तो एक के बाद एक कई कारण मिलते गये। जैसा कि पिछले ब्लाग में चर्चा की थी कि कोई भी कारण दीर्घकाल में उपयोगी सिद्...
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30.10.21
मित्र - ३७(भेदी मनःस्थिति)
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आपके साथ रहने वालों का भेदी बन जाना, यह सहजीविता का सामान्य लक्षण नहीं है। यह समाज के वे स्खलनक हैं जिन्हें आभास नहीं होता है कि जब समाज का ...
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28.10.21
मित्र - ३६(विघ्नमना भेदिये)
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हम अपने बुद्धिबल और साहस से जिस स्तर तक पहुँच रहे थे, वहाँ पर बहुत अधिक दिनों तक बने रहना संभव नहीं हो रहा था। जिस दिन काण्डस्थल पर साक्षात ...
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26.10.21
मित्र - ३५(वीसीआर)
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शुक्रवार की देर रात की फिल्म का अध्याय असमय अवसान पा चुका था। यह भेद छात्रावास अधीक्षक तक कैसे पहुँचा उसका पता अभी तक नहीं चला। मन की ऊर्जा ...
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23.10.21
मित्र - ३४(शुक्रवार की फिल्म)
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यहाँ पर एक तथ्य स्पष्ट करना आवश्यक है कि सभी छात्रावासी फिल्मों के प्रति इतने उत्साहित नहीं थे। कुछ उस समय का उपयोग अध्ययन में करते थे। कुछ ...
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21.10.21
मित्र - ३३(शनिवार की फिल्म)
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छात्रावास परिसर में कुछ ४ टीवी थे। यद्यपि कुछ की पहुँच छात्रावास के बाहर उन घरों में थी जहाँ पर टीवी होते थे, पर ऐसी संख्या बहुत कम थी और उन...
19.10.21
मित्र - ३२ (फिल्म और विकल्प)
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मन सदा ही कुछ नया चाहता है, स्वयं को अपने स्वरूप से भिन्न रंगना चाहता है। मन को रंगने का उपक्रम मनोरंजन कहलाता है। मनोरंजन मन को सुख देता है...
4.5.21
मित्र - ३१ (रविवार की फिल्म)
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छात्रावास में जिस समय पहुँचे थे, उस समय टीवी नहीं था। अनुराग ने बताया कि हम लोगों के वहाँ पहुँचने के कुछ दिन बाद ही एशियाड हुआ था, उसी समय ट...
1.5.21
मित्र - ३०(दूरदर्शन)
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बच्चों को संभवतः लगता है कि पिता और उनके मित्रों की पीढ़ी फिल्मों के प्रति कुछ आवश्यकता से अधिक ही आकर्षित रही है, जबकि उनके लिये यह एक अत्य...
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27.4.21
मित्र - २९(फिल्म और समग्रता)
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आलोक बताते हैं कि उनके जीवन में फिल्म, संगीत और यात्रायें, ये तीन ही प्रमुख तत्व हैं। शेष सब या तो इनके बीच के रिक्त समय को भरने के लिये हैं...
24.4.21
मित्र - २८(फिल्म और विधा)
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फिल्मों के प्रति सबका ही अपना अलग दृष्टिकोण है। मेरा दृष्टिकोण क्या था या क्या बना, कभी इस बारे में व्यवस्थित और गहरे सोचा नहीं। कहें कि जीव...
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