न दैन्यं न पलायनम्

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11.1.14

मध्य में सब ठीक हो

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बड़े तन्त्रों में एक बड़ी समस्या होती है। उन्हें साधने के प्रयास में सारा का सारा ध्यान उनके अन्तिम छोरों में ही रहता है, अन्तिम छोर साध क...
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27.4.13

और कब तक

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लम्बी   कितनी   राह   चलेंगे , कब घर का आराम मिलेगा? कब तक सूखे चित्र बनेंगे, रंग कब चित्रों में उतरेगा? कब विरोध के मेघ छटेंगे, ...
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