न दैन्यं न पलायनम्

Showing posts with label बन्धता. Show all posts
Showing posts with label बन्धता. Show all posts
12.6.16

कविता का कालबन्ध

›
पिछले दो वर्षों में मुख्यतः कविता ही लिखीं, वह भी परस्पर असंबद्ध विषयों पर। कभी उत्साह की आस, कभी दर्शन की नीरवता, कभी तथ्यों की चोट, कभी ...
8 comments:
›
Home
View web version
Powered by Blogger.