न दैन्यं न पलायनम्

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12.6.21

मिल के साथ आयें हम

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मिल के साथ आयें हम, देश को बचायें हम । खो गये जो लब्ध शब्द, पुनः ढूढ़ लायें हम ।     केश हैं खुले हुये, द्रौपदी के आज फिर, पापियों के वक्ष से...
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