न दैन्यं न पलायनम्
Showing posts with label
नारी
.
Show all posts
Showing posts with label
नारी
.
Show all posts
12.6.21
मिल के साथ आयें हम
›
मिल के साथ आयें हम, देश को बचायें हम । खो गये जो लब्ध शब्द, पुनः ढूढ़ लायें हम । केश हैं खुले हुये, द्रौपदी के आज फिर, पापियों के वक्ष से...
8 comments:
›
Home
View web version