न दैन्यं न पलायनम्
Showing posts with label
आकांक्षा
.
Show all posts
Showing posts with label
आकांक्षा
.
Show all posts
26.6.21
जन्म अयोध्या पाते राम
›
आकांक्षा बन आते राम, जन्म अयोध्या पाते राम। दशरथ नृप हितरत कर्मलीन, पालित जन सुतवत सुख नवीन, हा! रहे स्वयं पर पुत्रहीन, हा! आगत क्या आश्रय...
8 comments:
›
Home
View web version