न दैन्यं न पलायनम्

5.10.21

राम का निर्णय (संबल)

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यद्यपि सीता वन में निवास को सहज बता रही थी, राम का मन उसे स्वीकार नहीं कर पा रहा था। राम को लग रहा था कि देवी सीता को या तो उन कठिनाइयों का ...
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2.10.21

शब्द सामर्थ्य

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  शब्द भाव-गाम्भीर्य समझने में होते असमर्थ, व्यर्थ ही डूबा जाता अर्थ । कल्पना को चित्रित कर सके, वाक्य में ऐसी अब सामर्थ्य कहाँ है ?   मनुज ...
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30.9.21

राम का निर्णय (सीता)

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लक्ष्मण आगे कुछ नहीं कहते हैं, तर्क का उद्देश्य निर्णय के सभी विकल्पों के पक्षों को सामने लाना था। सब जानकर और सब सुनकर राम ने अपना निर्णय न...
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28.9.21

राम का निर्णय (पुरुषार्थ)

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लक्ष्मण भावों के द्वन्द्व में थे। राज्याभिषेक में विघ्न उपस्थित होने से उन्हें दुःख था पर भैया राम की धर्म के प्रति दृढ़ता देख कर उन्हें आत्...
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25.9.21

जय कोटि जनों की अभिलाषा

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(जब जब जनाधिकारों का हनन होता है, मन चीत्कार कर उठता है। आज पड़ोस में पुनः वही हो रहा है जो ३२ वर्ष पूर्व चीन के थियानमेन चौक पर हुआ था। तब ...
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23.9.21

राम का निर्णय(दैवयोग)

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धर्मकेन्द्रित निर्णय प्रक्रिया राम के व्यक्तित्व का सशक्त हस्ताक्षर रही है। इस तथ्य को माँ कौशल्या भी जानती थी और लक्ष्मण भी। राम को धर्म की...
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21.9.21

राम का निर्णय(धर्म अर्थ काम)

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लक्ष्मण के तर्कों और राज्य अधिग्रहण करने के उत्साहपूर्ण वचनों से माँ कौशल्या के शोक में कुछ कमी आयी थी। राम को कुछ न बोलते देख माँ की आशा बढ...
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18.9.21

विकल्प तोड़ता है

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  अन्दर से उठता हुआ धूम्र, घुटता मन, बढ़ती शेष आस, नवशमित भ्रमितवत अर्धचित्त, अन्तरमन की उन्मुक्त प्यास । इंगित करती जीवन रेखा, क्रमरहित, रु...
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16.9.21

राम का निर्णय (पीड़ा)

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माँ कौशल्या को लक्ष्य कर दिये गये तर्कों से लक्ष्मण ने धर्म और कुल के रक्षक के रूप में दशरथ पर प्रश्न उठा दिया था। लक्ष्मण के लिये पिता की न...
14.9.21

राम का निर्णय(मूल प्रश्न)

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लक्ष्मण के पास अपनी बात प्रारम्भ करने के लिये दो विकल्प थे। पहला था राम से अपने स्नेह का आधार लेकर उनसे प्रार्थना करना कि राम वन न जायें। इस...
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