न दैन्यं न पलायनम्
4.5.21
मित्र - ३१ (रविवार की फिल्म)
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छात्रावास में जिस समय पहुँचे थे, उस समय टीवी नहीं था। अनुराग ने बताया कि हम लोगों के वहाँ पहुँचने के कुछ दिन बाद ही एशियाड हुआ था, उसी समय ट...
1.5.21
मित्र - ३०(दूरदर्शन)
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बच्चों को संभवतः लगता है कि पिता और उनके मित्रों की पीढ़ी फिल्मों के प्रति कुछ आवश्यकता से अधिक ही आकर्षित रही है, जबकि उनके लिये यह एक अत्य...
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27.4.21
मित्र - २९(फिल्म और समग्रता)
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आलोक बताते हैं कि उनके जीवन में फिल्म, संगीत और यात्रायें, ये तीन ही प्रमुख तत्व हैं। शेष सब या तो इनके बीच के रिक्त समय को भरने के लिये हैं...
24.4.21
मित्र - २८(फिल्म और विधा)
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फिल्मों के प्रति सबका ही अपना अलग दृष्टिकोण है। मेरा दृष्टिकोण क्या था या क्या बना, कभी इस बारे में व्यवस्थित और गहरे सोचा नहीं। कहें कि जीव...
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20.4.21
मित्र - २७ (फिल्म और उद्योग)
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प्रतिबन्ध और उल्लंघन के बीच की गुत्थमगुत्था में फिल्मों के प्रति कभी कोई स्पष्ट दृष्टिकोण पनपा ही नहीं। फिल्म देख कर आना और पकड़े जाना, इस प...
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17.4.21
मित्र - २६(फिल्म और बौद्धिकता)
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आलोक रसज्ञ हैं। अभिनवगुप्त रसग्रहण के संदर्भ में दो शब्दों का प्रयोग करते हैं, सहृदय और तन्मय। इन दोनों शब्दों को मूर्तता प्रदान करती है आलो...
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13.4.21
मित्र - २५(फिल्म और उन्माद)
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अशोक ने बताया कि वह कक्षा ३ में थे, लगभग ९ वर्ष के होंगे। उस समय सुहाग फिल्म आयी थी, अमिताभ और शशिकपूर वाली। दोपहर का समय था, घर में माँ सो ...
10.4.21
मित्र - २४(फिल्म और प्रतिबन्ध)
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छात्रावास में फिल्में पूर्णतया प्रतिबन्धित थीं। कोई फिल्मों के प्रति तनिक भी अनुराग या आकर्षण प्रकट नहीं होने देता था, बस इस आशंका से कि कही...
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6.4.21
मित्र - २३(अभिनवगुप्त और रस)
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पाणिनि, पतंजलि, भृतहरि और अभिनवगुप्त को उनकी कृतियों के माध्यम से जानना मेरे लिये एक अद्भुत अनुभव रहा है। अभिव्यक्ति को उसके स्वरूप में समझ ...
3.4.21
मित्र - २२(कौन है भाई)
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बिना अनुमति के बाहर निकलने के पहले कई तैयारियाँ करनी होती थीं। रविवार के दिन सबके पास समय रहता था और अवसर भी। उस दिन बाहर निकलने का प्रयास क...
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30.3.21
मित्र - २१(प्रभात के अमिताभ)
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अमिताभ बहुत अच्छा गाते थे और अभी भी नियमित रूप से किसी एप्प में अपने सुरों की शीतलता बिखेरते रहते हैं। छात्रावास में उनका आना तीन वर्ष बाद ह...
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27.3.21
मित्र - २०(संघर्ष और विकल्प)
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कहते हैं कि किसी दीर्घकालिक संघर्ष को समझना हो तो शतरंज खेलना सीखना चाहिये। अपने पास उपलब्ध शक्ति के अनुसार किस प्रकार आक्रमण और रक्षा की जा...
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