न दैन्यं न पलायनम्

30.4.14

बचपन

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बचपन फिर से जाग उठा है, सुख-तरंग उत्पादित करने, ऊर्जा का उन्माद उठा है । वे क्षण भी कितने निश्छल थे, चंचलता का छोर नहीं था । ...
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26.4.14

कविता झरती

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आनन्द   रहित   मन   की   तृष्णा ,   जब   मधु   का   प्याला   कहती   है , जब यादों के मद ज्वारों की, सारी सीमायें ढहती हैं, जब मेरे सोय...
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23.4.14

मेरी कविता

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मेरी   कविता   है   आज   दुखी , शायद मेरी ही गलती है । कुछ है स्वभाव भी रूखा सा, कुछ रागें क्षुब्ध मचलती हैं ।। मैं कृतघ्न हूँ, ...
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19.4.14

जीवनी अलमस्त हो

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मगन   हो   अपने   विचारों   के   किनारों   में , जीवनी अलमस्त हो चुपचाप बहती जा रही थी । कहीं पर गाम्भीर्य की गहराइयों का, और उत्श्र...
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16.4.14

मध्यमार्गी पथ असाध्य है

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आदर्शों   के   मरुथल   में ,   जीवन   कष्टों   का   छोर   नहीं   है , भ्रष्टाचारी दलदल में आ बचा सके, कोई जोर नहीं है । इन दो विषम उपा...
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12.4.14

लोकपथ

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अनवरत   सुख   की   पिपासा , प्रकृति में उन्मुक्तता है । शान्ति को मन ढूढ़ता है, प्रेम को मन मचलता है ।। है विडम्बना मनुज की पर, ...
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9.4.14

आभार बंगलुरू

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पहली बार जब १९९३ में बंगलुरू आया था तो मन अभिभूत हो गया था, हर ओर हरा भरा, हर ओर पेड़ ही पेड़। सुदृढ़ नगरीय बससेवा होने पर भी मित्रों के स...
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5.4.14

गाय और आयुर्वेद

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एक बड़ी पुरानी कहावत है, हम गाय नहीं पालते, गाय हमें पालती है। हम भी गाय द्वारा ११ वर्ष पालित रहे हैं। गाय का घर में होना स्वास्थ्य के लिय...
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2.4.14

आयुर्वेद का आर्थिक पक्ष

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पिछले २०० वर्षों में भारत के स्वास्थ्य में हुये परिवर्तन को यदि एक पंक्ति में कहना हो तो इस प्रकार कहा जा सकता है। तब ५ में से ४ स्वस्थ रह...
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29.3.14

पंचकर्म

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आयुर्वेद में चिकित्सक पहले रोगपरीक्षा करता है, यदि रोग शमन से दूर नहीं हो सकता है तो शोधन का उपयोग करता है। बहुधा शमन के द्वारा निदान हो स...
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26.3.14

घरेलू चिकित्सा

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वैसे तो रसोई में प्रयुक्त हर खाद्य और हर मसाले के गुण वाग्भट्ट ने बताये हैं, यही कारण है कि  उनकी कृति को आयुर्वेद का एक संदर्भग्रन्थ माना...
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