न दैन्यं न पलायनम्
28.12.13
सांस्थानिक समर्थन का अर्थ
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पिछले दस वर्ष के इतिहास और भविष्य की अपेक्षाओं के संदर्भ में देखता हूँ तो मुझे सांस्थानिक समर्थन का अर्थ ९ स्पष्ट कार्यों या स्तरों में स...
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25.12.13
हिन्दी ब्लॉग और सांस्थानिक समर्थन
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आज से दस वर्ष पहले आलोकजी ने पहला हिन्दी ब्लॉग नौ दो ग्यारह बनाया था। तब संभवतः किसी को अनुमान नहीं होगा कि डायरीनुमा ढाँचे में स्वयं को...
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21.12.13
रिक्त मनुज का शेष रहेगा
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यही दृश्य हमने देखा था हम कार्यालय से उतरे थे, दिन के कार्य दिवंगत कर के, देखा सम्मुख उतरे आते, मित्र हमें जो मन से भाते, पीछे...
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18.12.13
चलो रूप परिभाषित कर दें
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नेहा वत्सल (वत्सल अर्चना चावजी के सुपुत्र हैं, मृदुल, सौम्य और विलक्षण प्रतिभा के धनी, न जाने कितने क्षेत्रों में। नेहा उनकी धर्मप...
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14.12.13
लुटे जुटे से
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लुटे तभी थे, और आज भी, लुटे जा रहे। जो जीते थे, अब रीते हैं, जीत रहे जो, वे भी भर भर, मन में, मनभर, अधिकारों को, घु...
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11.12.13
मिलकर जुटें
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यदि कहीं अन्याय लक्षित जगत में, जूझना था शेष, निश्चय विगत में, स्वर उठें, निश्चय उठे, अधिकार बन, सुप्त कर्णों पर टनक हुंकार सम, पथ ...
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7.12.13
कल्याणी
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आपदा प्रबन्धन की एक परिचर्चा में गया था। आपदा प्रबन्धन का विषय भारत के लिये गंभीर होता जा रहा है। आपदा के बाद किस तरह से जनजीवन की रक्षा क...
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4.12.13
न दैन्यं, न पलायनम्
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जब तक मन में कुछ शेष है, कहने को, जब तक व्यापित क्लेश है, सहने को, जब तक छिद्रमयी विश्व, रह रह कर रिसता है, जब तक सत्य अकेला, विष पा...
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30.11.13
क्या बोलूँ मैं
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मैं, बैठकर आनन्द से, वाद के विवाद से, उमड़ते अनुनाद से, ज्ञान को सुलझा रहा हूँ, सीखता हूँ, सीखने की लालसा है, व्यस्तता है ...
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27.11.13
मेरे विचार
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बहुधा विचार टकरा जाते हैं , मनस पटल पर आ जाते हैं । नहीं जानता किन स्रोतों से, किस प्रकार के अनुरोधों से, आवश्यक वे हो जात...
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23.11.13
अपरिग्रह - जन्मों का
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आपने अनावश्यक वस्तुओं का त्याग कर दिया। आप उससे एक स्तर और ऊपर चले गये, आपके अस्तित्व ने अपना केन्द्र अपनी आत्मा तक सीमित कर लिया। किन्तु ...
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20.11.13
अपरिग्रह - अध्यात्म विधा
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अपरिग्रह का व्यवहारिक पक्ष सबको ज्ञात है। आवश्यकतानुसार उपयोग न केवल संसाधन की उपलब्धता बनाने में सहायक रहता है, वरन स्वयं को भी अनावश्यक ...
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16.11.13
अपरिग्रह - अधिकार क्षेत्र
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महेन्द्र से हुयी कपड़ों के बारे में चर्चा विचारों के गहरे बीजरूप लिये थी। धीरे धीरे संबंधित सारे उदाहरण, उपदेश, आदेश, सलाह, अनुभव आदि सब ए...
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13.11.13
कपड़ों से ढका एक गुण
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मेरे एक मित्र हैं, विद्यालय में सहपाठी रहे हैं, छात्रावास के साथी हैं, बहुत घनिष्ठ हैं, जैन मतावलम्बी हैं, कपड़ा व्यापारी हैं और मेरे वर्त...
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9.11.13
किस तरह गणना करें
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कभी लगता, आज बढ़कर सिद्ध कर दूँ योग्यता, कभी लगता, व्यग्र क्यों मन, है ठहर जाना उचित, कभी लगता, व्यर्थ क्षमता, क्यों रहे यह विवशता, क...
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