न दैन्यं न पलायनम्

29.12.10

तड़प, उत्साह, प्रश्न, निष्कर्ष और लेखन

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यदि यह एक टिप्पणी नहीं आती तो संभवतः तड़प, उत्साह, परिपक्वता, प्रश्न और निष्कर्ष जैसे शब्द मुँह बाये न खड़े होते। साहित्य का विषय जब विषयो...
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25.12.10

कब लिखोगे ? मरने के बाद ?

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यह झंकृत कर देने वाला शीर्षक न रखता, यदि सुना न होता। लिख कर रखा होगा किसी ने, बोलने के पहले, लिखने, न लिखने के बारे में यह उद्गार। बिना ...
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22.12.10

किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार

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न जाने कितनी बार आपको ऐसा लगा होगा कि कोई ऐसा ही गीत है जो बस आपके लिये लिखा गया है। उन्मत्त सुख के अवसरों पर, विदारणीय दुख की घड़ियों में...
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18.12.10

उफ, तेल का कुआँ न हुआ

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कई बार घोर कर्मवादी मनुष्य भाग्य को किंचित भी श्रेय नहीं देते हैं, न किसी सुख के लिये और न किसी दुख के लिये भी। बहुत चाहा कि उनके पौरुषेय ...
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15.12.10

गो गोवा

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पर्यटन एक विशुद्ध मानसिक अनुभव है। मन में धारणा बन जाती है कि हमारे सुख की कोई न कोई कुंजी उस स्थान पर छिपी होगी जो वहाँ जाने से मिल जायेग...
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11.12.10

करूँ प्रतीक्षा, आँखें प्यासी

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आओ तुम जीवन प्रांगण में , छाओ बन आह्लाद हृदय में , उत्सुक है मन , बाट जोहता , नहीं अकेले जगत सोहता , तृषा पूर्ण , हैं रिक्तिक यादे...
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8.12.10

इस्मत आपा के नाम

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मेरी दादी मुझे स्वर्ग में मिली थी, मेरे जन्म लेने के पहले, प्यारी सी, दुग्ध धवल, प्रेममयी, बिल्कुल वैसी ही जैसी अभी भी पिताजी की कोमल स्...
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4.12.10

7 लेखक, 36 पुस्तकें, एक सूत्र

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एक लेखक की कई पुस्तकें एक सूत्रीय विचारधारा व्यक्त करती हुयी लग सकती हैं। दो लेखकों की पुस्तकों में भी कुछ न कुछ साम्य निकल ही आता है, तीन...
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1.12.10

तुम क्या जानों राजनीति की घातें और प्रतिघातें

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बचपन में मुहल्ले में शतरंज का खेल होता था। बाल सुलभ प्रश्न उठता था कि क्या करते रहते हैं दो लोग, घंटों बैठकर, घिरे हुये बहुत लोगों से, आँख...
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27.11.10

ब्लॉगरीय आत्मीयता

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कुछ दिन हुये अभिषेकजी घर पधारे, एक क्षण के लिये भी नहीं लगा कि उनसे यह प्रथम भेंट है। सहजता से बातें हुयीं, घर की, नौकरी की, जीवन के प्र...
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24.11.10

ट्रेन में क्या कर सकते हैं

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कुछ दिन पहले समीरलाल जी का बज़ - तश्तरी पर रखा हुआ उड़न - प्रश्न आया था कि 17 घंटे की ट्रेन यात्रा में क्या कर सकते है ? प्रश्न तो सम...
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20.11.10

समरकन्द

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आप सरस साहित्यिक हैं या घनघोर असाहित्यिक हैं, इससे आपके ससुराल पक्ष को कोई अन्तर नहीं पड़ता है। समस्या तब होती है जब उनकी पुत्री को आपकी...
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17.11.10

मा पलायनम्

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दोपहर के बाद कार्यालय में अधिक कार्य नहीं था अतः निरीक्षण करने निकल गया, टिकट चेकिंग पर। बाहर निकलते रहने से सम्पूर्ण कार्यपरिवेश का व्यवह...
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13.11.10

भाषायी उत्पात और अंग्रेजी बंदर

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श्री विश्वनाथजी पूर्वज तमिलनाडु से केरल गये, पिता महाराष्ट्र में, शिक्षा राजस्थान में, नौकरी पहले बिहार में शेष कर्नाटक में, निजी व्...
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10.11.10

शिवसमुद्रम्

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कावेरी को सांस्कृतिक महत्व , प्राकृतिक सौंदर्य और जीवनदायिनी जलस्रोत के रूप में तो सब जानते हैं पर 1902 में इस पर बने जलविद्युत संयन्त्र न...
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