न दैन्यं न पलायनम्
1.3.14
भोजन और आयुर्वेद
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आधुनिकता के प्रति सदा है उदार दृष्टिकोण रहा है, पर कैलोरी आधारित भोजन की गणना पर कभी विश्वास रहा ही नहीं। समान कैलोरी होने पर भी देशी घी क...
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26.2.14
जल और आयुर्वेद
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जल और भोजन, दो ऐसे तत्व हैं, जो हम ग्रहण करते हैं और इनको आयुर्वेद के सैद्धान्तिक परिप्रेक्ष्य में समझना आवश्यक है। बहुधा जल पीने में हम प...
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22.2.14
कफ, वात, पित्त
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कफ, वात और पित्त, ये तीन तत्व हैं जो शरीर में होते है और कार्यरत रहते हैं। कहने को तो इनको और भी विभाजित किया जा सकता था, पर ये तत्व भौतिक...
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19.2.14
संतुलन, गति, क्रम
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आयुर्वेद समझने के पहले शरीर को समझना आवश्यक है। शरीर कोई विशेष और एकात्म में जीता हुआ तन्त्र नहीं है वरन प्रकृति का ही एक अंग है। प्रकृति ...
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15.2.14
प्रकृति चक्र
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आयुर्वेद का परिचय लोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में कराते हैं। पर जितना मैं समझ सका हूँ, आयुर्वेद एक पूर्णकालिक जीवनशैली है जो भारती...
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12.2.14
वाग्भट्ट
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जीवन जब रजत जयन्ती पर पहुँचता है, घरवालों को पुत्र पुत्रियों के विवाह की चिन्ता सताने लगती है। उन्हे भय रहता है कि कहीं ऐसा न हो कि वह अपन...
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8.2.14
सब और हम
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धूल उड़ रही, हम पकड़े निर्मलतम झण्डा। ऊष्मा बढ़ती, किये रहे मन विधिवत ठंडा। गहरी चालें, सज्जन मन का ठूँठा डंडा। आदर्शों ...
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5.2.14
डियर फॉदर
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कुछ माह पहले बंगलोर में परेश रावल अभिनीत यह नाटक देखा था, एक टिकट अतिरिक्त था तो प्रशान्त को भी ले गया था। हास्य का पुट लिये और मनोरंजन के...
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1.2.14
हंगर गेम्स
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अंग्रेजी फिल्में कल्पनाशीलता के लिये देखता हूँ। पर कौन सी देखनी है, इस पर प्रयोग नहीं करता हूँ, संस्तुतियों पर ही देखता हूँ। ऐसी ही एक फिल...
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29.1.14
प्रयासरत
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कहीं पर कोलाहल से दूर , टूटकर मैं थकान से चूर, सिमट कर अपने में भरपूर, बैठकर जीवन पर कुछ सोच रहा मैं, भूतकाल को खोद रहा था...
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